मंगलवार, 20 अगस्त 2013

जानकारी का संदेह

एक स्थिति की कल्पना कीजिये.

आपको अचानक कोई बात पता चलती है और आप आश्चर्य प्रकट करते हैं कि "मुझे अब जा कर यह पता चला है! और उधर मेरे सब सहकर्मियों को ये पहले ही मालूम है!" 

आप सोचते हैं कि मेरे 'दोस्तों' में से किसी ने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?

दोस्त कहते हैं, "रहने दो. ज़्यादा बनो मत. हम मान ही नहीं सकते कि तुम्हें पता नहीं था."

अब बताइये क्या जवाब है आपके पास?

1 टिप्पणी:

kanika sharma ने कहा…

sir, in situation like this, I'll ignore i,t bez i know if frnds can say "rhne do, bno mt, tum phele se jante the" then there is no use of arguments... they 'll never trust me...