मंगलवार, 12 मई 2009

शिकायत

हम भी कुछ अनजान नहीं हैं ।

"कितना भी समझा लो, लेकिन
बच्चे सुनते नहीं किसी की"--
यही शिकायत होती है ना
हम सब के पापा-मम्मी की ?

खुद कब सुनते हैं, बोलो,
क्या हम उनकी संतान नहीं हैं ?

पढने लिखने की तो हम को
देते हैं दिन-रात हिदायत ।
अगर कभी हम टी वी देखें
तो होती हैंखूब शिकायत ।

कुछ तो सोचो, भला हमारी
आँख नहीं हैं, कान नहीं हैं ?

हम भी कुछ अनजान नहीं हैं !




1 टिप्पणी:

rashmi ने कहा…

bachhon ke antarman ko khuub samaghte hain , sir , superb.