बुधवार, 26 अगस्त 2009

क्या प्रेमचंद 'मुंशी' थे ?

सवाल यह है कि क्या प्रेमचंद 'मुंशी' थे ? उनके जीवन-परिचय से ऐसा कुछ पता नहीं चलता । अगर वे मुंशी नहीं थे, तो आख़िर क्यों उन्हें यह 'उपाधि' दी गयी है ? इन सवालों के सही जवाब आपके पास हैं, तो संक्षिप्त टिप्पणी के रूप में लिखें। उत्तर इसी ब्लॉग पर अगले पोस्ट में दिया जाएगा ।

1 टिप्पणी:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

महोदय,
प्रेमचन्द जी मुंशी नही थे। कहानीकार के रूप में उनका नाम कन्हैया लाल माणिक लाल मुंशी के साथ किसी पत्रिका में उस तरह छपा था।
"कन्हैया लाल माणिक लाल मुंशी प्रेमचन्द"
किसी अन्य पत्रकार ने प्रेमचन्द के नाम के पहले
मुंशी लगा लिया तभी से प्रेमचन्द, मुंशी प्रेमचन्द के
नाम से विख्यात हो गये।