शुक्रवार, 2 अक्तूबर 2009

जय जवान जय किसान ...?

जान लेना देश के हर शत्रु की, फिर जान देना

है जवानी का यही अंदाज़ अपने देश में ।

कृषक अपनी जान लेने को विवश हैं, बोलिए---

किसे अपने देश पर है नाज़ अपने देश में ?

1 टिप्पणी:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

महात्मा गांधी जी और
पं.लालबहादुर शास्त्री जी को
उनके जन्म-दिवस पर
इन महान विभूतियों को नमन।