इस्तेमाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
इस्तेमाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 3 जून 2014

मच्छर और टी वी

मच्छर और टी वी में आखिर क्या समानता है?

मुझे तो यही समानता लगती है कि न तो मच्छर का कोई लाभ समझ में आता है और न ही टी वी का.

जहाँ तक मुझे याद पड़ता है, टी वी का सबसे अच्छा इस्तेमाल प्रकृति के सुकुमार कवि श्री सुमित्रानंदन पन्त ने किया है.

प्रमाण के तौर पर उनकी एक रचना से यह उद्धरण देखिये:

"संध्या का झुटपुट
बाँसों का झुरमुट
थीं चहक रही चिड़ियाँ

टी वी टी टुट टुट!"