मच्छर और टी वी में आखिर क्या समानता है?
मुझे तो यही समानता लगती है कि न तो मच्छर का कोई लाभ समझ में आता है और न ही टी वी का.
जहाँ तक मुझे याद पड़ता है, टी वी का सबसे अच्छा इस्तेमाल प्रकृति के सुकुमार कवि श्री सुमित्रानंदन पन्त ने किया है.
प्रमाण के तौर पर उनकी एक रचना से यह उद्धरण देखिये:
"संध्या का झुटपुट
बाँसों का झुरमुट
थीं चहक रही चिड़ियाँ
टी वी टी टुट टुट!"
मुझे तो यही समानता लगती है कि न तो मच्छर का कोई लाभ समझ में आता है और न ही टी वी का.
जहाँ तक मुझे याद पड़ता है, टी वी का सबसे अच्छा इस्तेमाल प्रकृति के सुकुमार कवि श्री सुमित्रानंदन पन्त ने किया है.
प्रमाण के तौर पर उनकी एक रचना से यह उद्धरण देखिये:
"संध्या का झुटपुट
बाँसों का झुरमुट
थीं चहक रही चिड़ियाँ
टी वी टी टुट टुट!"