खेल हो कठिन जिस दिन पिच साथ न दे
'लूज़' को बदल देता 'विन' में, कमाल है ।
गिन-गिन रन लेते रहने के बावजूद
हारने लगे जो टीम, लेता वो सँभाल है ।
गेंद चाहे तेज़ चाहे 'स्पिन' हो, लेकिन उसे
नहले पे दहला लगाना तत्काल है ।
बात तो ज़रूर कोई उसकी क्रिकेट में है
तभी तो सचिन बिन गलती न दाल है ।