पहले हमें शिकायत रहती थी कि नेता अच्छी बातें बोलते हैं लेकिन उन पर आचरण नहीं करते।
अब समस्या यह है कि वे अच्छी बातें बोलना भी भूल गये हैं।
इतना ज़रूर है कि उनकी कथनी और करनी में अंतर अब नहीं रहा!
अब समस्या यह है कि वे अच्छी बातें बोलना भी भूल गये हैं।
इतना ज़रूर है कि उनकी कथनी और करनी में अंतर अब नहीं रहा!