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शनिवार, 31 अगस्त 2013
रविवार, 21 जुलाई 2013
सोमवार, 7 मई 2012
सोमवार, 16 अगस्त 2010
एक और काव्यानुवाद---वेंडी बार्कर की कविता का
Wendy Barker
The Pool
Small fish break the surface
but always I am waiting
for the deep-rooted lily
to bloom again, planted
so down in my silt.
वेंडी बार्कर
सरोवर
तोड़ती हैं सतह को बस मछलियाँ छोटी
जबकि मुझको है प्रतीक्षा सदा
केवल कुमुदिनी की
हैं जड़ें गहरी
खिलेगी फिर
उगेगी खूब गहरे पंक में से.
पंक जो मेरे तले में है.
The Pool
Small fish break the surface
but always I am waiting
for the deep-rooted lily
to bloom again, planted
so down in my silt.
वेंडी बार्कर
सरोवर
तोड़ती हैं सतह को बस मछलियाँ छोटी
जबकि मुझको है प्रतीक्षा सदा
केवल कुमुदिनी की
हैं जड़ें गहरी
खिलेगी फिर
उगेगी खूब गहरे पंक में से.
पंक जो मेरे तले में है.
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कविता,
काव्यानुवाद,
वेंडी बार्कर
शुक्रवार, 13 अगस्त 2010
वेंडी बार्कर की अंग्रेजी कविता का काव्यानुवाद
Wendy Barker
Eve Remembers
It was his bending to the path I noticed.
A deliberate dip, a sweep of his long arm.
Blind, we couldn’t know what lay ahead.
He said he was picking up twigs, branches,
trying to clear the path. He didn’t want
anyone who had to follow us to fall.
काव्यानुवाद
वेंडी बार्कर
याद है हव्वा को
मैंने तो बस उसका झुकना भर
देखा पथ पर
देखा—वह कुछ सोच-समझ कर झुका
और फैलायी लंबी बाँह.
दृष्टिहीन हम नहीं जान पाए
आगे की राह.
उसने कहा --- हटा देता हूँ
टूटी हुई टहनियाँ / पथ
काँटों से घिर जाए ना.
कहीं हमारे पीछे आने वाला
गिर जाए ना !
Eve Remembers
It was his bending to the path I noticed.
A deliberate dip, a sweep of his long arm.
Blind, we couldn’t know what lay ahead.
He said he was picking up twigs, branches,
trying to clear the path. He didn’t want
anyone who had to follow us to fall.
काव्यानुवाद
वेंडी बार्कर
याद है हव्वा को
मैंने तो बस उसका झुकना भर
देखा पथ पर
देखा—वह कुछ सोच-समझ कर झुका
और फैलायी लंबी बाँह.
दृष्टिहीन हम नहीं जान पाए
आगे की राह.
उसने कहा --- हटा देता हूँ
टूटी हुई टहनियाँ / पथ
काँटों से घिर जाए ना.
कहीं हमारे पीछे आने वाला
गिर जाए ना !
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काव्यानुवाद,
वेंडी बार्कर,
हव्वा
मंगलवार, 20 जुलाई 2010
लैंग्स्टन ह्यूज़ की कविता का काव्यानुवाद
The Negro Speaks Of Rivers
I've known rivers:
I've known rivers ancient as the world and older than the
flow of human blood in human veins.
My soul has grown deep like the rivers.
I bathed in the Euphrates when dawns were young.
I built my hut near the Congo and it lulled me to sleep.
I looked upon the Nile and raised the pyramids above it.
I heard the singing of the Mississippi when Abe Lincoln
went down to New Orleans, and I've seen its muddy
bosom turn all golden in the sunset.
I've known rivers:
Ancient, dusky rivers.
My soul has grown deep like the rivers.
नदियों के बारे में नीग्रो का कहना है
नदियों को जाना है मैंने
नदियाँ जो प्राचीन बहुत हैं, उतनी जितनी अपनी दुनिया.
मानव की नस-नस में बहता रक्त नहीं था, तब भी वे थीं.
जाना है मैंने नदियों को
तभी आज अंतस में मेरे गहराई है नदियों जैसी.
मैंने यूफ्रेतिस के जल में स्नान किया था, जब सुबहें थीं नयी-नवेली.
कांगो के नज़दीक बनाई कुटिया मैंने औ'उसने था मुझे सुलाया लोरी गा कर.
मैंने नील नदी को देखा और पिरामिड उसके तट पर खड़े कर दिए.
फिर जब लिंकन न्यू और्लीन्ज़ गया तब मैंने मिसीसिपी का गीत सुना था
औ' देखा था उसका मटमैला वक्षःस्थल संध्या में हो गया सुनहला.
नदियों को जाना है मैंने
बहुत पुरानी मटमैली धूसर नदियों को
तभी आज अंतस में मेरे गहराई है नदियों जैसी.
I've known rivers:
I've known rivers ancient as the world and older than the
flow of human blood in human veins.
My soul has grown deep like the rivers.
I bathed in the Euphrates when dawns were young.
I built my hut near the Congo and it lulled me to sleep.
I looked upon the Nile and raised the pyramids above it.
I heard the singing of the Mississippi when Abe Lincoln
went down to New Orleans, and I've seen its muddy
bosom turn all golden in the sunset.
I've known rivers:
Ancient, dusky rivers.
My soul has grown deep like the rivers.
नदियों के बारे में नीग्रो का कहना है
नदियों को जाना है मैंने
नदियाँ जो प्राचीन बहुत हैं, उतनी जितनी अपनी दुनिया.
मानव की नस-नस में बहता रक्त नहीं था, तब भी वे थीं.
जाना है मैंने नदियों को
तभी आज अंतस में मेरे गहराई है नदियों जैसी.
मैंने यूफ्रेतिस के जल में स्नान किया था, जब सुबहें थीं नयी-नवेली.
कांगो के नज़दीक बनाई कुटिया मैंने औ'उसने था मुझे सुलाया लोरी गा कर.
मैंने नील नदी को देखा और पिरामिड उसके तट पर खड़े कर दिए.
फिर जब लिंकन न्यू और्लीन्ज़ गया तब मैंने मिसीसिपी का गीत सुना था
औ' देखा था उसका मटमैला वक्षःस्थल संध्या में हो गया सुनहला.
नदियों को जाना है मैंने
बहुत पुरानी मटमैली धूसर नदियों को
तभी आज अंतस में मेरे गहराई है नदियों जैसी.
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काव्यानुवाद,
नदियाँ,
नीग्रो,
लैंग्स्टन ह्यूज़
गुरुवार, 23 जुलाई 2009
वेंडी बार्कर की कविता का अनुवाद
Wendy Barker’s poem, “At Last”, is as follows,
we swim in the lake
of each other. All night
the current washes rocks
from shore, eases the jagged
places, dissolving stones
of stones into grit, sand,
the yield of siltthat reaches
all the way under this highest of
tides, entire body of water.
अंततः
एक-दूजे के जलाशय में रहे हम तैरते
रात-भर धुलती रही
घुलती रही चट्टान तट पर
धार से । जल-धार से ।
खुरदरे सब स्थल हुए समतल,
घुले पत्थर,
बने बजरी, हुए बालू ।
उच्चतम इस ज्वार में
जल की समूची देह के तल में
तरंगित पंक यूँ पैदा हुआ ।
we swim in the lake
of each other. All night
the current washes rocks
from shore, eases the jagged
places, dissolving stones
of stones into grit, sand,
the yield of siltthat reaches
all the way under this highest of
tides, entire body of water.
अंततः
एक-दूजे के जलाशय में रहे हम तैरते
रात-भर धुलती रही
घुलती रही चट्टान तट पर
धार से । जल-धार से ।
खुरदरे सब स्थल हुए समतल,
घुले पत्थर,
बने बजरी, हुए बालू ।
उच्चतम इस ज्वार में
जल की समूची देह के तल में
तरंगित पंक यूँ पैदा हुआ ।
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