शुक्र है कि बच्चे अभी लड़ते हैं
वे खूब गुस्सा करते हैं
आपस में ही नहीं, माँ-बाप से भी
दूसरों से ही नहीं, अपने आप से भी
उन्हें गुस्सा आता है
अंदर से निकलता है,
चेहरे पर बिखर जाता है
आँखों में, हाथों में
साफ़ दिख जाता है.
कितनी खुशी की बात है
कि हमारे नन्हे-मुन्ने
नहीं होते हमारी तरह
समझौता-परस्त
शातिर, काइयाँ और घुन्ने!
वे खूब गुस्सा करते हैं
आपस में ही नहीं, माँ-बाप से भी
दूसरों से ही नहीं, अपने आप से भी
उन्हें गुस्सा आता है
अंदर से निकलता है,
चेहरे पर बिखर जाता है
आँखों में, हाथों में
साफ़ दिख जाता है.
कितनी खुशी की बात है
कि हमारे नन्हे-मुन्ने
नहीं होते हमारी तरह
समझौता-परस्त
शातिर, काइयाँ और घुन्ने!