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शुक्रवार, 11 सितंबर 2009
ऐसा क्यों होता है कि....
अगर अंग्रेज़ी का अध्यापक हिन्दी में हस्ताक्षर करे, तो सब चकित हो कर पूछते हैं , "क्यों?" पर हिन्दी का अध्यापक अगर अंग्रेज़ी में हस्ताक्षर करे, तो कोई चकित नहीं होता ? शायद हिन्दी में हस्ताक्षर करना वैसा ही है, जैसा अंगूठा लगाना । हिन्दी दिवस पर ज़रा विचार करें ।
बुधवार, 29 जुलाई 2009
ऐसा क्यों होता है कि.....
जब कोई अंग्रेजी लिखने या बोलने में ग़लती करता है, तो इसमें उसका दोष समझा जाता है, लेकिन जब कोई हिन्दी लिखने या बोलने में ग़लती करता है, तो इसमें दोष उस व्यक्ति का नहीं, बल्कि हिन्दी का समझा जाता है ! अंग्रेजी लहजे में ग़लत हिन्दी बोलने से आपका सामाजिक स्तर ऊँचा समझे जाने की सम्भावना ज़्यादा है, लेकिन जैसे ही आप अंग्रेज़ी को हिन्दी लहजे में बोलने की ग़लती करेंगे, आपका सामाजिक स्तर तुरन्त गिर जायेगा । वैसे सबसे अच्छा तो यही होगा कि आप हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों को ही बोलने में गलतियाँ करें। इस से आपको किसी टी वी चैनल पर काम मिलने की पूरी सम्भावना है। लिखने में गलतियाँ होती हों, तो अख़बार के लिए संवाद दाता का काम आप को आसानी से मिल जाएगा ।
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